CMP-08 › रेट और लिमिट
कंपोज़िशन स्कीम के रेट और लिमिट
कंपोज़िशन स्कीम में छोटा कारोबार अपने टर्नओवर का एक छोटा प्रतिशत GST के रूप में भरता है, हर महीने के रिटर्न और बिल-वार टैक्स की जगह साल में एक रिटर्न और तिमाही का एक पेमेंट।
रेट (CGST + SGST/UTGST मिलाकर)
| बिज़नेस | रेट | किस पर लगता है | नियम |
|---|---|---|---|
| ट्रेडर (माल खरीदकर बेचता है) | 1% | राज्य में टैक्सेबल सप्लाई का टर्नओवर (एग्ज़ेम्प्ट बिक्री पर टैक्स नहीं) | CGST नियम 7, 1 जनवरी 2018 से |
| मैन्युफ़ैक्चरर | 1% | राज्य में टर्नओवर | CGST नियम 7 |
| शराब न परोसने वाला रेस्टोरेंट या कैटरर | 5% | राज्य में टर्नओवर | CGST नियम 7 |
| सर्विस प्रोवाइडर या मिला-जुला सप्लायर (₹50 लाख वाली स्कीम) | 6% | टैक्सेबल सप्लाई | धारा 10(2A), नोटिफ़िकेशन 2/2019-CT(Rate) |
आधा CGST और आधा SGST (या UTGST) होता है। यह टैक्स आपकी अपनी जेब से जाता है: ग्राहकों से नहीं ले सकते।
टर्नओवर की लिमिट
- माल, मैन्युफ़ैक्चरर और रेस्टोरेंट के लिए पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर में कुल टर्नओवर ₹1.5 करोड़ (धारा 10(1))।
- कुछ स्पेशल कैटेगरी राज्यों (पूर्वोत्तर के राज्य और दूसरे नोटिफ़ाई किए) में ₹75 लाख; अपने राज्य की लिमिट GST पोर्टल पर देखें।
- धारा 10(2A) के सर्विस प्रोवाइडर की स्कीम के लिए ₹50 लाख।
- धारा 10(1) के तहत ट्रेडर टर्नओवर के 10% या ₹5 लाख तक, जो ज़्यादा हो, की सर्विस भी दे सकता है।
कौन नहीं ले सकता
- दूसरे राज्य में आउटवर्ड सप्लाई करने वाले कारोबार।
- नॉन-रेज़िडेंट टैक्सेबल पर्सन और कैज़ुअल टैक्सेबल पर्सन।
- आइसक्रीम, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद जैसे नोटिफ़ाई किए माल के मैन्युफ़ैक्चरर।
- ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के ज़रिए सप्लाई करने वाले जिन पर ऑपरेटर को टैक्स कलेक्ट करना होता है, सिवाय माल के सप्लायर के, जो 1 अक्टूबर 2023 से शर्तों के साथ इनके ज़रिए बेच सकते हैं।
- वह माल बेचने वाले जो GST के तहत टैक्सेबल नहीं है, जैसे पेट्रोल और डीज़ल।
उदाहरण
लखनऊ की एक किराना दुकान ने जुलाई–सितंबर 2026 में ₹9,60,000 की बिक्री की, जिसमें ₹2,10,000 ताज़ी सब्ज़ियाँ और अनाज के थे जो एग्ज़ेम्प्ट हैं। टैक्स = ₹7,50,000 का 1% = ₹7,500 (CGST ₹3,750 + SGST ₹3,750), आख़िरी तारीख 18 अक्टूबर 2026। इतने ही टर्नओवर वाला ढाबा ₹9,60,000 का 5% = ₹48,000 भरेगा।
इस तिमाही की CMP-08 वर्किंग अभी बनाएँ।मेकर खोलें